हँसना बुरी बात नहीं है ।
दिल से निकल कर चेहरे पे फूटती है, फ़व्वारे की तरह ।
और बखेर देती है खुशी चहुँ ओर ।
हँसना बुरी बात है ।
अगर सामने वाले की बुरी हालत देख निकल गयी हो ।
कोई वजूद नहीं ऐसी हँसी का ।
चलो आज अच्छी हँसी की बात करते हैं ।
जो तुम्हारे चेहरे पे होती है ।
जब तुम हँसते हो, तो मेरे दिल में बसते हो ।
इसी लिए जब तुम रोते हो तो मैं तुम्हारा सर
अपने दिल से लगा लेता हूँ ।
इस उम्मीद में कि कुछ वोही मेरे दिल में बसी तुम्हारी हँसी
फिर तुम्हारे चेहरे पे वापस आ जाये ।
मुझे तुमको हँसाना नहीं आता है
अनाड़ी हूँ मैं ।
कभी मैं ना भी रहूँ पास ।
बस एक बार याद कर लो मेरा चेहरा
और हँस दो, हँस दो, हँस दो ।
तो मुझे पता चल जायेगा ।
कैसे ?
क्यूंकि मेरे दिल को वो हंसी वापस मिल जाएगी
और दिल अपने आप अच्छा हो जायेगा ।
दिल से निकल कर चेहरे पे फूटती है, फ़व्वारे की तरह ।
और बखेर देती है खुशी चहुँ ओर ।
हँसना बुरी बात है ।
अगर सामने वाले की बुरी हालत देख निकल गयी हो ।
कोई वजूद नहीं ऐसी हँसी का ।
चलो आज अच्छी हँसी की बात करते हैं ।
जो तुम्हारे चेहरे पे होती है ।
जब तुम हँसते हो, तो मेरे दिल में बसते हो ।
इसी लिए जब तुम रोते हो तो मैं तुम्हारा सर
अपने दिल से लगा लेता हूँ ।
इस उम्मीद में कि कुछ वोही मेरे दिल में बसी तुम्हारी हँसी
फिर तुम्हारे चेहरे पे वापस आ जाये ।
मुझे तुमको हँसाना नहीं आता है
अनाड़ी हूँ मैं ।
कभी मैं ना भी रहूँ पास ।
बस एक बार याद कर लो मेरा चेहरा
और हँस दो, हँस दो, हँस दो ।
तो मुझे पता चल जायेगा ।
कैसे ?
क्यूंकि मेरे दिल को वो हंसी वापस मिल जाएगी
और दिल अपने आप अच्छा हो जायेगा ।
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